शुभ पंचांग लोगो
ToranToran

१ नवंबर २०२६ का पंचांग

रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
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कृष्ण ७
१
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कृष्ण ८
२
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कृष्ण ९
३
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कृष्ण १०
४
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कृष्ण ११
५
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कृष्ण १२
६
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कृष्ण १३
७
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कृष्ण १४
८
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कृष्ण १५
९
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शुक्ल १
१०
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शुक्ल २
११
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शुक्ल ३
१२
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शुक्ल ४
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शुक्ल ५
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शुक्ल ६
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शुक्ल ७
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शुक्ल ८
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शुक्ल ९
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शुक्ल ९
१९
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शुक्ल १०
२०
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शुक्ल १२
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शुक्ल १४
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शुक्ल १५
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कृष्ण १
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कृष्ण २
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कृष्ण ३
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कृष्ण ५
२८
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कृष्ण ६
२९
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कृष्ण ७
३०

१

नवंबर, २०२६

रविवार

अमांत: आश्विन कृष्ण सप्तमीपूर्णिमांत: कार्तिक कृष्ण सप्तमी

विक्रम संवत २०८३

चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय:०६:४२ AM
सूर्यास्त:०६:०४ PM

राशि

१२:०० पूर्वाह्न

तिथि

कृष्ण सप्तमी
०२:५१ अपराह्न
कृष्ण अष्टमी

नक्षत्र

पुनर्वसु
०५:३९ पूर्वाह्न
पुष्य

योग

साध्य
०२:३८ अपराह्न
शुभ

दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:०५:०६ AM - ०५:५४ AM
राहु काल:०४:३९ PM - ०६:०४ PM
यमगण्ड काल:१२:२३ PM - ०१:४८ PM
प्रातः सन्ध्या:०५:३८ AM - ०६:४२ AM
मध्याह्न सन्ध्या:११:४७ AM - १२:५९ PM
सायं सन्ध्या:०६:०४ PM - ०७:०८ PM
करण:बव (०२:५१ अपराह्न बजे तक)
दूसरा करण:बालव (०२:५१ अपराह्न बजे के बाद)
अभिजीत मुहूर्त:१२:०० PM - १२:४६ PM
पक्ष: कृष्ण पक्ष (अंधेरा)
अमान्त माह: आश्विन
पूर्णिमांत माह: कार्तिक
शक संवत: १९४८
विक्रम संवत: २०८३
गुजराती संवत: २०८२

इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ

हरियाना दिवस:१ नवंबर (रविवार)
कर्नाटका राज्योत्सव:१ नवंबर (रविवार)
केरळ पिरवी:१ नवंबर (रविवार)
चावंग कुट:१ नवंबर (रविवार)
राम एकादशी:५ नवंबर (गुरुवार)
वाघ बारस:५ नवंबर (गुरुवार)
धनतेरस:६ नवंबर (शुक्रवार)
काली चौदस:७ नवंबर (शनिवार)
दिवाली:८ नवंबर (रविवार)
शारदा पूजन:८ नवंबर (रविवार)
नूतन वर्ष प्रारम्भ:१० नवंबर (मंगलवार)
अन्नकूट उत्सव:१० नवंबर (मंगलवार)
भाई दूज:११ नवंबर (बुधवार)
लाभ पंचमी:१४ नवंबर (शनिवार)
आज दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।:१४ नवंबर (शनिवार)
छठ पूजा:१५ नवंबर (रविवार)
प्रबोधिनी एकादशी:२० नवंबर (शुक्रवार)
तुलसी विवाह प्रारंभ:२१ नवंबर (शनिवार)
तुलसी विवाह समाप्ति:२४ नवंबर (मंगलवार)
देव दीपावली:२४ नवंबर (मंगलवार)
गुरु नानक जयंती:२४ नवंबर (मंगलवार)
श्री गुरु तेग बहादुरजी शहीदी दिवस:२४ नवंबर (मंगलवार)
कनकदास जयंती:२७ नवंबर (शुक्रवार)
आज चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।:२८ नवंबर (शनिवार)

१ नवंबर २०२६ का पंचांग

१ नवंबर २०२६ को रविवार है। यह दिन आश्विन मास, कृष्ण पक्ष में आता है। १ नवंबर २०२६ की तिथि कृष्ण पक्ष सप्तमी है, जो ०२:५१ अपराह्न तक रहेगी; इसके बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी प्रारंभ होगी। इस दिन का नक्षत्र पुनर्वसु है, जो ०५:३९ पूर्वाह्न के बाद पुष्य में बदलेगा। राहु काल ०४:३९ PM से ०६:०४ PM तक रहेगा।

वाररविवार
माहनवंबर २०२६
तिथिसप्तमी (०२:५१ अपराह्न तक; फिर अष्टमी)
नक्षत्रपुनर्वसु (०५:३९ पूर्वाह्न तक; फिर पुष्य)
योगसाध्य (०२:३८ अपराह्न तक; फिर शुभ)
करणबव (०२:५१ अपराह्न तक; फिर बालव)
पक्षकृष्ण
मासआश्विन
राहु काल०४:३९ PM – ०६:०४ PM
गुलिक काल०३:१४ PM – ०४:३९ PM
यमगण्ड काल१२:२३ PM – ०१:४८ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:०० PM – १२:४६ PM
ब्रह्म मुहूर्त०५:०६ AM – ०५:५४ AM
सूर्योदय०६:४२ AM
सूर्यास्त०६:०४ PM
चंद्र राशिमिथुन (१२:०० पूर्वाह्न तक; फिर कर्क)
शुभ रंगलाल
विक्रम संवत२०८३
शक संवत१९४८

१ नवंबर २०२६ को क्या है?

१ नवंबर २०२६ को रविवार है। इस दिन का नक्षत्र पुनर्वसु, योग साध्य, चंद्र राशि मिथुन है। इस दिन हरियाना दिवस, कर्नाटका राज्योत्सव, केरळ पिरवी, चावंग कुट का पर्व है।

१ नवंबर २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१ नवंबर २०२६ को कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि है। यह तिथि ०२:५१ अपराह्न तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। आज की सटीक तिथि और उसका समय जानने के लिए आज की तिथि पेज देखें।

१ नवंबर २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१ नवंबर २०२६ का नक्षत्र पुनर्वसु है। ०५:३९ पूर्वाह्न के बाद पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

१ नवंबर २०२६ का राहु काल क्या है?

१ नवंबर २०२६ का राहु काल ०४:३९ PM से ०६:०४ PM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।

१ नवंबर २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१ नवंबर २०२६ का अभिजीत मुहूर्त १२:०० PM से १२:४६ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०५:०६ AM से ०५:५४ AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।

१ नवंबर २०२६ के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:०० PM – १२:४६ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०५:०६ AM – ०५:५४ AM), शुभ रंग लाल।
अशुभ समय: राहु काल (०४:३९ PM – ०६:०४ PM), गुलिक काल (०३:१४ PM – ०४:३९ PM), यमगण्ड काल (१२:२३ PM – ०१:४८ PM)।

क्या १ नवंबर २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, १ नवंबर २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

१ नवंबर २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

१ नवंबर २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१ नवंबर २०२६ को क्या है?

१ नवंबर २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१ नवंबर २०२६ का राहु काल क्या है?

१ नवंबर २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१ नवंबर २०२६ के शुभ और अशुभ समय

१ नवंबर २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

१ नवंबर २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?