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आज का चौघड़िया - रविवार, 18 अक्टूबर 2026

आज का चौघड़िया

स्थान: Surat

दिन के शुभ चौघड़िया

  • लाभसुबह 9:30 – 10:57
  • अमृतसुबह 10:57 – दोपहर 12:25
  • शुभदोपहर 1:52 – 3:19
स्थान: Surat

रात के शुभ चौघड़िया

  • शुभशाम 6:13 – रात 7:46
  • अमृतरात 7:46 – 9:19
  • लाभरात 1:58 – 3:30
  • शुभसुबह 5:03 – 6:36

आज का समय

  • सूर्योदयसुबह 6:36
  • सूर्यास्तशाम 6:13
  • अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:01 – 12:48
राहु कालशाम 4:46 – 6:13

ये समय सूरत के हैं। दूसरे शहर का समय देखने के लिए पेज के ऊपर लोकेशन बदलें।

आज दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगसुबह 6:36 – 8:03🔴 अशुभ
चलसुबह 8:03 – 9:30🟡 सामान्य
लाभसुबह 9:30 – 10:57✅ शुभ
अमृतसुबह 10:57 – दोपहर 12:25✅ शुभ
कालदोपहर 12:25 – 1:52🔴 अशुभ
शुभदोपहर 1:52 – 3:19✅ शुभ
रोगदोपहर 3:19 – शाम 4:46🔴 अशुभ
उद्वेगशाम 4:46 – 6:13🔴 अशुभ

आज रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
शुभशाम 6:13 – रात 7:46✅ शुभ
अमृतरात 7:46 – 9:19✅ शुभ
चलरात 9:19 – 10:52🟡 सामान्य
रोगरात 10:52 – 12:25🔴 अशुभ
कालरात 12:25 – 1:58🔴 अशुभ
लाभरात 1:58 – 3:30✅ शुभ
उद्वेगरात 3:30 – सुबह 5:03🔴 अशुभ
शुभसुबह 5:03 – 6:36✅ शुभ

आज का शुभ मुहूर्त कितने बजे से कितने बजे तक है?

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 – 12:48
  • शुभ चौघड़िया: लाभ सुबह 9:30 – 10:57, अमृत सुबह 10:57 – दोपहर 12:25, शुभ दोपहर 1:52 – 3:19
  • राहु काल (नया काम शुरू न करें): शाम 4:46 – 6:13

ख़रीदारी, यात्रा, दुकान खोलने या नया काम शुरू करने के लिए इनमें से कोई भी समय ले सकते हैं। विवाह या गृह प्रवेश के लिए सिर्फ़ चौघड़िया नहीं देखा जाता, तिथि और नक्षत्र भी देखे जाते हैं। इसके लिए मुहूर्त पेज देखें।

कल का चौघड़िया (सोमवार, 19 अक्टूबर 2026)

कल सोमवार है और दिन का पहला चौघड़िया अमृत है।

  • शुभ चौघड़िया: अमृत सुबह 6:36 – 8:03, शुभ सुबह 9:30 – 10:57, लाभ दोपहर 3:18 – शाम 4:46, अमृत शाम 4:46 – 6:13
  • राहु काल: सुबह 8:03 – 9:30

तिथि, नक्षत्र और बाकी समय के लिए कल का पूरा पंचांग देखें।

अपने शहर का इस सप्ताह का चौघड़िया

पेज के ऊपर अपना शहर चुनें, तो नीचे की तालिका में आपके शहर का पूरे सप्ताह का दिन और रात का चौघड़िया दिखेगा। जो चौघड़िया अभी चल रहा है, वह पीले रंग में दिखता है।

रविवार

11 अक्टूबर

उद्वेग - अशुभ

सुबह 6:33
–
सुबह 8:02

चल - सामान्य

सुबह 8:02
–
सुबह 9:30

लाभ - शुभ

सुबह 9:30
–
सुबह 10:58

अमृत - शुभ

सुबह 10:58
–
दोपहर 12:26

काल - अशुभ

दोपहर 12:26
–
दोपहर 1:54

शुभ - शुभ

दोपहर 1:54
–
दोपहर 3:23

रोग - अशुभ

दोपहर 3:23
–
शाम 4:51

उद्वेग - अशुभ

शाम 4:51
–
शाम 6:19

सोमवार

12 अक्टूबर

अमृत - शुभ

सुबह 6:34
–
सुबह 8:02

काल - अशुभ

सुबह 8:02
–
सुबह 9:30

शुभ - शुभ

सुबह 9:30
–
सुबह 10:58

रोग - अशुभ

सुबह 10:58
–
दोपहर 12:26

उद्वेग - अशुभ

दोपहर 12:26
–
दोपहर 1:54

चल - सामान्य

दोपहर 1:54
–
दोपहर 3:22

लाभ - शुभ

दोपहर 3:22
–
शाम 4:50

अमृत - शुभ

शाम 4:50
–
शाम 6:18

मंगलवार

13 अक्टूबर

रोग - अशुभ

सुबह 6:34
–
सुबह 8:02

उद्वेग - अशुभ

सुबह 8:02
–
सुबह 9:30

चल - सामान्य

सुबह 9:30
–
सुबह 10:58

लाभ - शुभ

सुबह 10:58
–
दोपहर 12:26

अमृत - शुभ

दोपहर 12:26
–
दोपहर 1:54

काल - अशुभ

दोपहर 1:54
–
दोपहर 3:22

शुभ - शुभ

दोपहर 3:22
–
शाम 4:49

रोग - अशुभ

शाम 4:49
–
शाम 6:17

बुधवार

14 अक्टूबर

लाभ - शुभ

सुबह 6:34
–
सुबह 8:02

अमृत - शुभ

सुबह 8:02
–
सुबह 9:30

काल - अशुभ

सुबह 9:30
–
सुबह 10:58

शुभ - शुभ

सुबह 10:58
–
दोपहर 12:25

रोग - अशुभ

दोपहर 12:25
–
दोपहर 1:53

उद्वेग - अशुभ

दोपहर 1:53
–
दोपहर 3:21

चल - सामान्य

दोपहर 3:21
–
शाम 4:49

लाभ - शुभ

शाम 4:49
–
शाम 6:17

गुरुवार

15 अक्टूबर

शुभ - शुभ

सुबह 6:35
–
सुबह 8:02

रोग - अशुभ

सुबह 8:02
–
सुबह 9:30

उद्वेग - अशुभ

सुबह 9:30
–
सुबह 10:58

चल - सामान्य

सुबह 10:58
–
दोपहर 12:25

लाभ - शुभ

दोपहर 12:25
–
दोपहर 1:53

अमृत - शुभ

दोपहर 1:53
–
दोपहर 3:20

काल - अशुभ

दोपहर 3:20
–
शाम 4:48

शुभ - शुभ

शाम 4:48
–
शाम 6:16

शुक्रवार

16 अक्टूबर

चल - सामान्य

सुबह 6:35
–
सुबह 8:03

लाभ - शुभ

सुबह 8:03
–
सुबह 9:30

अमृत - शुभ

सुबह 9:30
–
सुबह 10:57

काल - अशुभ

सुबह 10:57
–
दोपहर 12:25

शुभ - शुभ

दोपहर 12:25
–
दोपहर 1:52

रोग - अशुभ

दोपहर 1:52
–
दोपहर 3:20

उद्वेग - अशुभ

दोपहर 3:20
–
शाम 4:47

चल - सामान्य

शाम 4:47
–
शाम 6:15

शनिवार

17 अक्टूबर

काल - अशुभ

सुबह 6:35
–
सुबह 8:03

शुभ - शुभ

सुबह 8:03
–
सुबह 9:30

रोग - अशुभ

सुबह 9:30
–
सुबह 10:57

उद्वेग - अशुभ

सुबह 10:57
–
दोपहर 12:25

चल - सामान्य

दोपहर 12:25
–
दोपहर 1:52

लाभ - शुभ

दोपहर 1:52
–
दोपहर 3:19

अमृत - शुभ

दोपहर 3:19
–
शाम 4:47

काल - अशुभ

शाम 4:47
–
शाम 6:14

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ बराबर हिस्सों में बाँटता है। हर हिस्सा करीब डेढ़ घंटे का होता है और उसका नाम वार के हिसाब से तय होता है। गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में यात्रा, ख़रीदारी, दुकान खोलने या नया काम शुरू करने से पहले चौघड़िया देखा जाता है।

नाम "चौ" (चार) और "घड़ी" से बना है। एक घड़ी 24 मिनट की होती है, यानी एक चौघड़िया करीब चार घड़ी का। हर घंटे का ग्रह जानना हो तो होरा देखें।

7 चौघड़िया: कौन शुभ, कौन अशुभ

चौघड़ियाफलकिस काम के लिए
अमृतशुभपूजा, नई शुरुआत, हर शुभ काम (सबसे उत्तम)
शुभशुभविवाह से जुड़े काम, पूजा-पाठ, धार्मिक कार्य
लाभशुभव्यापार, ख़रीदारी, पैसों का लेन-देन, पढ़ाई
चलसामान्ययात्रा और वाहन से जुड़े काम
उद्वेगअशुभनया काम टालें, हालाँकि सरकारी काम के लिए कुछ लोग इसे लेते हैं
कालअशुभनया काम शुरू न करें
रोगअशुभनया काम शुरू न करें

चर (चल) चौघड़िया शुभ है या अशुभ? चर को सामान्य माना जाता है। यात्रा के लिए यह ठीक है, पर मांगलिक या बड़े काम के लिए अमृत, शुभ या लाभ ही चुने जाते हैं।

किस वार कौन-सा चौघड़िया पहले आता है?

वारदिन का पहलारात का पहला
रविवारउद्वेगशुभ
सोमवारअमृतचल
मंगलवाररोगकाल
बुधवारलाभउद्वेग
गुरुवारशुभअमृत
शुक्रवारचलरोग
शनिवारकाललाभ

शुभ चौघड़िया में राहु काल आ जाए तो क्या करें?

राहु काल को ज़्यादा महत्व दिया जाता है। अमृत या शुभ चौघड़िया में भी राहु काल के दौरान नया काम शुरू नहीं करते। अगर राहु काल चौघड़िया के बीच में ख़त्म हो जाए, तो बचे हुए समय में काम शुरू कर सकते हैं।

यह समय कैसे निकाला गया है?

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सूरत (21.17° उत्तर, 72.83° पूर्व) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। दिन की लंबाई को 8 बराबर हिस्सों में बाँटा गया है और हर हिस्से का चौघड़िया वार के क्रम से रखा गया है। रात के लिए सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक यही तरीका है। राहु काल भी इसी सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है।

अलग-अलग पंचांग सूर्योदय को थोड़ा अलग ढंग से मानते हैं, इसलिए कहीं-कहीं 1 या 2 मिनट का अंतर दिख सकता है। हमारी गणना पद्धति यहाँ देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज का शुभ चौघड़िया कितने बजे से कितने बजे तक है?

अभी कौन-सा चौघड़िया चल रहा है?

सबसे शुभ चौघड़िया कौन-सा है?

चर (चल) चौघड़िया शुभ है या अशुभ?

यात्रा के लिए कौन-सा चौघड़िया अच्छा है?

चौघड़िया हर शहर में अलग क्यों होता है?

रात का कौन-सा चौघड़िया शुभ होता है?