शुभ पंचांग लोगो

आज का शुभ पंचांग तिथि, मुहूर्त, राशिफल के साथ

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हर सुबह अपडेट किया जाता है
आज ८+ मंदिर
स्थान: Surat

आज की राशि

०७:३२ अपराह्न

आज की तिथि

शुक्ल सप्तमी
०८:२८ पूर्वाह्न
शुक्ल अष्टमी

आज का नक्षत्र

पूर्वाषाढ़ा
१२:४८ अपराह्न
उत्तराषाढ़ा

आज का योग

सुकर्मा
११:५४ अपराह्न
धृति

वर्तमान चौघड़िया

अमृत (श्रेष्ठ):
 ०१:५८ AM - ०३:३० AM

वर्तमान होरा

बुध - तीव्र:
 ०१:२७ AM - ०२:२९ AM

अभिजीत मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त:  
१२:०१ PM - १२:४८ PM

वर्तमान गौरी पंचांग

उथि (अच्छा):  
०१:५८ AM - ०३:३० AM

आज का पंचांग

ब्रह्म मुहूर्त:
०५:०० AM - ०५:४८ AM
राहु काल:
०४:४६ PM - ०६:१३ PM
यमगण्ड काल:
१२:२५ PM - ०१:५२ PM
प्रातः सन्ध्या:
०५:३२ AM - ०६:३६ AM
मध्याह्न सन्ध्या:
११:४९ AM - ०१:०१ PM
सायं सन्ध्या:
०६:१३ PM - ०७:१७ PM
करण:
वाणिज (०८:२८ पूर्वाह्न बजे तक)
दूसरा करण:
विष्टि (०८:२८ पूर्वाह्न बजे के बाद)
पक्ष:
शुक्ल पक्ष (उजाला)
अमान्त माह:
आश्विन
पूर्णिमांत माह:
आश्विन
शक संवत:
१९४८
विक्रम संवत:
२०८३
गुजराती संवत:
२०८२

आज का राशिफल

आज का पंचांग - रविवार, १८ अक्टूबर २०२६

पंचांग आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी एक साथ देता है। नीचे दिए आज के मुख्य मान दृक् गणित से सूरत (डिफ़ॉल्ट शहर) के सूर्योदय के आधार पर निकाले गए हैं - अपने शहर का समय देखने के लिए पेज के ऊपर अपना शहर चुनें।

आज की मुख्य जानकारी

वाररविवार
माहअक्टूबर २०२६
तारीख१८ अक्टूबर २०२६
तिथिशुक्ल सप्तमी
तिथि आरंभ१७ अक्टूबर, ०५:५४ AM
तिथि समाप्ति१८ अक्टूबर, ०८:२८ AM
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा (१२:४८ अपराह्न तक; फिर उत्तराषाढ़ा)
योगसुकर्मा (११:५४ अपराह्न तक; फिर धृति)
करणवाणिज (०८:२८ पूर्वाह्न तक; फिर विष्टि)
पक्षशुक्ल
मासआश्विन
राहु काल०४:४६ PM – ०६:१३ PM
गुलिक काल०३:१९ PM – ०४:४६ PM
यमगण्ड काल१२:२५ PM – ०१:५२ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:०१ PM – १२:४८ PM
ब्रह्म मुहूर्त०५:०० AM – ०५:४८ AM
सूर्योदय०६:३६ AM
सूर्यास्त०६:१३ PM
चंद्र राशिधनु (०७:३२ अपराह्न तक; फिर मकर)
शुभ रंगलाल
विक्रम संवत२०८३
शक संवत१९४८

आज कौन सी तिथि है?

हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुक्ल सप्तमी तिथि है। यह १८ अक्टूबर, ०८:२८ AM तक रहेगी, उसके बाद शुक्ल अष्टमी तिथि शुरू होगी। कल की तिथि और आने वाले दिनों की तिथियाँ नीचे देखें, या पूरे दिन का विवरण कैलेंडर पेज पर देखें।

आज का नक्षत्र - अभी कौन सा नक्षत्र चल रहा है?

अभी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र चल रहा है। १२:४८ अपराह्न के बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र आएगा। हिंदू ज्योतिष में २७ नक्षत्र होते हैं - प्रत्येक लगभग एक दिन का होता है। नक्षत्र मुहूर्त, यात्रा और महत्वपूर्ण कार्यों के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है; कुछ नक्षत्र मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं, कुछ के लिए सावधानी बरतना उचित है।

आज कौन सा वार है?

आज रविवार है। वैदिक परंपरा में प्रत्येक वार एक ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है - रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को बृहस्पति, शुक्रवार को शुक्र, और शनिवार को शनि। इसी ग्रह के अनुसार उस दिन का शुभ रंग और उपयुक्त कार्य तय होते हैं। शुभ मुहूर्त के लिए वार को तिथि और नक्षत्र के साथ देखें।

आज का राहु काल कब है?

आज राहु काल ०४:४६ PM से ०६:१३ PM तक है। राहु काल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ भागों में बाँटकर निकाला जाता है - वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु का माना जाता है। इस समय नए कार्य, यात्रा, और महत्वपूर्ण निर्णय टालने की परंपरा है।

आज कौन सा त्योहार या व्रत है?

आज महाष्टमी है। आने वाले सभी व्रत, त्योहार और एकादशी की तिथियाँ हिंदू त्योहार पेज पर मिलेंगी। हिंदू कैलेंडर पर पूरे वर्ष की पूर्णिमा, अमावस्या और संक्रांति देखें। दैनिक राशिफल के लिए अलग पेज उपलब्ध है।

कल की तिथि और आने वाले दिन

कल की तिथि: सोमवार, १९ अक्टूबर २०२६ को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी।

बीते कल की तिथि: शनिवार, १७ अक्टूबर २०२६ को शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि थी।

दिनांकवारतिथि
१९ अक्टूबर २०२६सोमवारशुक्ल अष्टमी
२० अक्टूबर २०२६मंगलवारशुक्ल नवमी
२१ अक्टूबर २०२६बुधवारशुक्ल दशमी
२२ अक्टूबर २०२६गुरुवारशुक्ल एकादशी
२३ अक्टूबर २०२६शुक्रवारशुक्ल द्वादशी
२४ अक्टूबर २०२६शनिवारशुक्ल त्रयोदशी
२५ अक्टूबर २०२६रविवारशुक्ल चतुर्दशी

तिथि क्या है? - हिंदू पंचांग में तिथि का महत्व

तिथि हिंदू पंचांग के पाँच प्रमुख अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) में सबसे पहला और महत्वपूर्ण अंग है। तिथि चंद्रमा की कला पर आधारित होती है और किसी भी शुभ कार्य, व्रत, त्योहार या मुहूर्त का निर्धारण तिथि से ही होता है।

शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष

एक चंद्र मास दो पक्षों में बँटा होता है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता है (अमावस्या के बाद पूर्णिमा तक) और कृष्ण पक्ष में घटता है (पूर्णिमा के बाद अमावस्या तक)। हर पक्ष में १५ तिथियाँ होती हैं।

१५ तिथियों के नाम

  1. प्रतिपदा
  2. द्वितीया
  3. तृतीया
  4. चतुर्थी
  5. पंचमी
  6. षष्ठी
  7. सप्तमी
  8. अष्टमी
  9. नवमी
  10. दशमी
  11. एकादशी
  12. द्वादशी
  13. त्रयोदशी
  14. चतुर्दशी
  15. पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष का अंत) / अमावस्या (कृष्ण पक्ष का अंत)

तिथि और हिंदू त्योहार

अधिकांश प्रमुख हिंदू त्योहार तिथि के आधार पर ही मनाए जाते हैं, अंग्रेज़ी तारीख से नहीं। इसीलिए इनकी तारीख हर साल बदलती है। कुछ उदाहरण:

तिथि का धार्मिक महत्व

व्रत और त्योहार तिथि के अनुसार ही तय होते हैं - जैसे एकादशी का व्रत, चतुर्थी पर गणेश पूजा, अष्टमी–नवमी पर देवी पूजा, पूर्णिमा और अमावस्या के विशेष अनुष्ठान। धार्मिक कार्यों में सूर्योदय के समय जो तिथि होती है (उदय तिथि) वही पूरे दिन के लिए मान्य होती है। किसी भी शुभ मुहूर्त के लिए तिथि के साथ नक्षत्र और वार का मेल देखा जाता है।

आज का दिन कैसा है? - शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: आज का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त (१२:०१ PM से १२:४८ PM) है - नए कार्य, पूजा और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए सर्वोत्तम। आज का शुभ रंग लाल है। अशुभ समय: राहु काल (०४:४६ PM - ०६:१३ PM), गुलिक काल (०३:१९ PM - ०४:४६ PM) और यमगंड (१२:२५ PM - ०१:५२ PM) अशुभ माने जाते हैं - इस दौरान नया कार्य आरंभ करने से बचें। विष्टि (भद्रा) करण के समय भी मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। घंटे-दर-घंटे शुभ-अशुभ समय के लिए चौघड़िया देखें।

पंचांग के पाँच अंग

"पंचांग" शब्द संस्कृत के पंच (पाँच) और अंग (भाग) से बना है। ये पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्रमा की स्थिति), योग (सूर्य-चंद्र का संयुक्त कोण) और करण (आधी तिथि)। इन पाँचों को एक साथ देखकर किसी भी दिन की शुभता, उपयुक्त कार्य और मुहूर्त का निर्धारण होता है। आज का योग सुकर्मा और करण वाणिज है।

हमारी गणना पद्धति - दृक् गणित

शुभ पंचांग की सभी गणनाएँ दृक् गणित पद्धति पर आधारित हैं - यानी ग्रहों की वास्तविक (दृश्यमान) स्थिति के अनुसार। यह पद्धति आधुनिक खगोलीय डेटा पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र और योग की गणना आपके चयनित शहर के सटीक अक्षांश-देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार होती है, इसलिए दो अलग शहरों का पंचांग थोड़ा भिन्न हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल कौन सी तिथि है?

तिथि कैसे निकाली जाती है?

कौन सी तिथि शुभ मानी जाती है?

क्या आज शुभ दिन है?

तिथि और नक्षत्र में क्या अंतर है?

राहु काल अशुभ क्यों माना जाता है?

क्या पंचांग के समय दिन में बदल सकते हैं?