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आज का शुभ पंचांग तिथि, मुहूर्त, राशिफल के साथ

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आज का पंचांग - रविवार, १९ जुलाई २०२६

पंचांग आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी एक साथ देता है। नीचे आज के मुख्य मान दिए हैं - ये आपके चयनित शहर के सूर्योदय के आधार पर दृक् गणित से गणना किए जाते हैं।

आज की मुख्य जानकारी

वाररविवार
माहजुलाई २०२६
तारीख१९ जुलाई २०२६
तिथिपंचमी (०३:४३ पूर्वाह्न तक; फिर षष्ठी)
तिथिशुक्ल पंचमी
सूर्योदयकालीन तिथि (उदय तिथि)पंचमी
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी (०६:१२ अपराह्न तक; फिर हस्त)
योगपरिघ (०७:२१ अपराह्न तक; फिर शिव)
करणतैतिल (०३:४३ पूर्वाह्न तक; फिर गारा)
पक्षशुक्ल
मासआषाढ़
राहु काल०५:४४ PM – ०७:२३ PM
गुलिक काल०४:०४ PM – ०५:४४ PM
यमगण्ड काल१२:४६ PM – ०२:२५ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:१९ PM – ०१:१२ PM
ब्रह्म मुहूर्त०४:३२ AM – ०५:२० AM
सूर्योदय०६:०८ AM
सूर्यास्त०७:२३ PM
चंद्र राशिकन्या (१२:०० पूर्वाह्न तक)
शुभ रंगलाल
विक्रम संवत२०८३
शक संवत१९४८

आज कौन सी तिथि है? (आज की तिथि क्या है)

आज की तिथि क्या है? - हिंदू पंचांग के अनुसार आज सुद पंचमी तिथि है। यह ०३:४३ पूर्वाह्न तक रहेगी, उसके बाद सुद षष्ठी तिथि शुरू होगी। तिथि चंद्रमा की गति से तय होती है - एक चंद्र मास में ३० तिथियाँ होती हैं, शुक्ल पक्ष (चंद्र वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्र क्षय) में पंद्रह-पंद्रह। तिथि दिन में भी बदल सकती है, इसलिए आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार गणना जरूरी है। आज की तिथि से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आज की तिथि पेज देखें या पूरे दिन का विवरण कैलेंडर पेज पर देखें।

आज का नक्षत्र - अभी कौन सा नक्षत्र चल रहा है?

अभी उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र चल रहा है। ०६:१२ अपराह्न के बाद हस्त नक्षत्र आएगा। हिंदू ज्योतिष में २७ नक्षत्र होते हैं - प्रत्येक लगभग एक दिन का होता है। नक्षत्र मुहूर्त, यात्रा और महत्वपूर्ण कार्यों के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है; कुछ नक्षत्र मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं, कुछ के लिए सावधानी बरतना उचित है।

आज कौन सा वार है? (आज क्या है)

आज रविवार है। वैदिक परंपरा में प्रत्येक वार एक ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है - रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को बृहस्पति, शुक्रवार को शुक्र, और शनिवार को शनि। इसी ग्रह के अनुसार उस दिन का शुभ रंग और उपयुक्त कार्य तय होते हैं। शुभ मुहूर्त के लिए वार को तिथि और नक्षत्र के साथ देखें।

आज का राहु काल कब है?

आज राहु काल ०५:४४ PM से ०७:२३ PM तक है। राहु काल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ भागों में बाँटकर निकाला जाता है - वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु का माना जाता है। इस समय नए कार्य, यात्रा, और महत्वपूर्ण निर्णय टालने की परंपरा है। घंटे-दर-घंटे शुभ-अशुभ समय के लिए चौघड़िया देखें।

आज कौन सा त्योहार या व्रत है?

आज कोई प्रमुख हिंदू त्योहार या व्रत नहीं है। आने वाले सभी व्रत, त्योहार और एकादशी की तिथियाँ हिंदू त्योहार पेज पर मिलेंगी। हिंदू कैलेंडर पर पूरे वर्ष की पूर्णिमा, अमावस्या और संक्रांति देखें। दैनिक राशिफल के लिए अलग पेज उपलब्ध है।

आज का दिन कैसा है? - शुभ मुहूर्त और शुभ रंग

दिन की शुभता तिथि, वार और नक्षत्र के संयोग से तय होती है। अभिजीत मुहूर्त (१२:१९ PM से ०१:१२ PM) दिन का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है - इस दौरान शुरू किया गया कार्य सफल होता है। वार के अनुसार शुभ रंग पहनना और राहु काल में महत्वपूर्ण काम न करना - ये सरल नियम रोज़मर्रा के निर्णयों में मदद करते हैं। विस्तृत मुहूर्त के लिए मुहूर्त और चौघड़िया देखें।

आज का शुभ समय और अशुभ समय

शुभ समय: आज का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त (१२:१९ PM से ०१:१२ PM) है - नए कार्य, पूजा और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए सर्वोत्तम। आज का शुभ रंग लाल है। अशुभ समय: राहु काल (०५:४४ PM - ०७:२३ PM), गुलिक काल (०४:०४ PM - ०५:४४ PM) और यमगंड (१२:४६ PM - ०२:२५ PM) अशुभ माने जाते हैं - इस दौरान नया कार्य आरंभ करने से बचें। विष्टि (भद्रा) करण के समय भी मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। घंटे-दर-घंटे शुभ-अशुभ समय के लिए चौघड़िया देखें।

पंचांग के पाँच अंग

"पंचांग" शब्द संस्कृत के पंच (पाँच) और अंग (भाग) से बना है। ये पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्रमा की स्थिति), योग (सूर्य-चंद्र का संयुक्त कोण) और करण (आधी तिथि)। इन पाँचों को एक साथ देखकर किसी भी दिन की शुभता, उपयुक्त कार्य और मुहूर्त का निर्धारण होता है। आज का योग परिघ और करण तैतिल है।

हमारी गणना पद्धति - दृक् गणित

शुभ पंचांग की सभी गणनाएँ दृक् गणित पद्धति पर आधारित हैं - यानी ग्रहों की वास्तविक (दृश्यमान) स्थिति के अनुसार। यह पद्धति आधुनिक खगोलीय डेटा के समन्वय पर निर्मित है। तिथि, नक्षत्र और योग की गणना आपके चयनित शहर के सटीक अक्षांश-देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार होती है, इसलिए दो अलग शहरों का पंचांग थोड़ा भिन्न हो सकता है - यह त्रुटि नहीं, स्थानीय सटीकता है।

शुभ पंचांग का दृष्टिकोण - मार्गदर्शन, भय नहीं

पंचांग का उद्देश्य जीवन को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि समय की प्रकृति समझकर बेहतर निर्णय लेना है। राहु काल टालना एक सावधानी है, भय नहीं। शुभ मुहूर्त में कार्य आरंभ करना एक परंपरा है जो मन को स्थिर और आत्मविश्वास को दृढ़ करती है। शुभ पंचांग इसी भावना से - जिज्ञासा और मार्गदर्शन के लिए - बना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आज शुभ दिन है? आज का दिन कैसा है?

आज का शुभ मुहूर्त क्या है?

पंचांग शहर-दर-शहर क्यों बदलता है?

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

तिथि और नक्षत्र में क्या अंतर है?

राहु काल अशुभ क्यों माना जाता है?

शुभ पंचांग कौन सी पंचांग पद्धति का उपयोग करता है?

क्या पंचांग के समय दिन में बदल सकते हैं?

शुभ पंचांग की गणना किस आधार पर होती है?