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आज का होरा - रविवार, १९ जुलाई २०२६
दिन होरा (सूर्योदय ०६:०८ AM → सूर्यास्त ०७:२३ PM)
| होरा | प्रकृति | समय | उपयुक्त कार्य |
|---|---|---|---|
| सूर्य | बलवान | ०६:०८ AM - ०७:१४ AM | अधिकार, सरकारी व कानूनी कार्य, नेतृत्व |
| शुक्र | लाभदायी | ०७:१४ AM - ०८:२० AM | प्रेम, विवाह, कला, वाहन, खरीदारी |
| बुध | तीव्र | ०८:२० AM - ०९:२७ AM | व्यापार, संचार, अध्ययन, लेखन |
| चन्द्र | नम्र | ०९:२७ AM - १०:३३ AM | यात्रा, पोषण, भावनात्मक व रचनात्मक कार्य |
| शनि | मंद | १०:३३ AM - ११:३९ AM | श्रम, संपत्ति, लोहा व मशीनरी, दीर्घकालिक कार्य |
| गुरु | फलदायक | ११:३९ AM - १२:४६ PM | शिक्षा, वित्त, ज्ञान, आध्यात्मिक साधना |
| मंगल | आक्रामक | १२:४६ PM - ०१:५२ PM | प्रतिस्पर्धा, व्यायाम, शल्य क्रिया, साहस |
| सूर्य | बलवान | ०१:५२ PM - ०२:५८ PM | अधिकार, सरकारी व कानूनी कार्य, नेतृत्व |
| शुक्र | लाभदायी | ०२:५८ PM - ०४:०४ PM | प्रेम, विवाह, कला, वाहन, खरीदारी |
| बुध | तीव्र | ०४:०४ PM - ०५:११ PM | व्यापार, संचार, अध्ययन, लेखन |
| चन्द्र | नम्र | ०५:११ PM - ०६:१७ PM | यात्रा, पोषण, भावनात्मक व रचनात्मक कार्य |
| शनि | मंद | ०६:१७ PM - ०७:२३ PM | श्रम, संपत्ति, लोहा व मशीनरी, दीर्घकालिक कार्य |
रात होरा (सूर्यास्त ०७:२३ PM → अगले सूर्योदय)
| होरा | प्रकृति | समय | उपयुक्त कार्य |
|---|---|---|---|
| गुरु | फलदायक | ०७:२३ PM - ०८:१७ PM | शिक्षा, वित्त, ज्ञान, आध्यात्मिक साधना |
| मंगल | आक्रामक | ०८:१७ PM - ०९:११ PM | प्रतिस्पर्धा, व्यायाम, शल्य क्रिया, साहस |
| सूर्य | बलवान | ०९:११ PM - १०:०५ PM | अधिकार, सरकारी व कानूनी कार्य, नेतृत्व |
| शुक्र | लाभदायी | १०:०५ PM - १०:५८ PM | प्रेम, विवाह, कला, वाहन, खरीदारी |
| बुध | तीव्र | १०:५८ PM - ११:५२ PM | व्यापार, संचार, अध्ययन, लेखन |
| चन्द्र | नम्र | ११:५२ PM - १२:४६ AM | यात्रा, पोषण, भावनात्मक व रचनात्मक कार्य |
| शनि | मंद | १२:४६ AM - ०१:३९ AM | श्रम, संपत्ति, लोहा व मशीनरी, दीर्घकालिक कार्य |
| गुरु | फलदायक | ०१:३९ AM - ०२:३३ AM | शिक्षा, वित्त, ज्ञान, आध्यात्मिक साधना |
| मंगल | आक्रामक | ०२:३३ AM - ०३:२७ AM | प्रतिस्पर्धा, व्यायाम, शल्य क्रिया, साहस |
| सूर्य | बलवान | ०३:२७ AM - ०४:२० AM | अधिकार, सरकारी व कानूनी कार्य, नेतृत्व |
| शुक्र | लाभदायी | ०४:२० AM - ०५:१४ AM | प्रेम, विवाह, कला, वाहन, खरीदारी |
| बुध | तीव्र | ०५:१४ AM - ०६:०८ AM | व्यापार, संचार, अध्ययन, लेखन |
आज का सूर्योदय ०६:०८ AM है और सूर्यास्त ०७:२३ PM है। दिन के होरा सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलते हैं, जबकि रात्रि के होरा सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय तक चलते हैं। ऋतुओं के अनुसार दिन की अवधि बदलने से होरा की अवधि भी प्रतिदिन थोड़ी बदलती रहती है। संपूर्ण पंचांग विवरण - जिसमें राहु काल और अभिजीत मुहूर्त शामिल हैं - देखने के लिए दैनिक पंचांग देखें।
होरा क्या है?
होरा वैदिक ज्योतिष में ग्रह का घंटा (Planetary Hour) है। प्रत्येक दिन, जिसे स्थानीय सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक मापा जाता है, २४ होरा में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक होरा पर सात पारंपरिक ग्रहों में से किसी एक का शासन होता है: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि।
जिस ग्रह का होरा होता है, वही उस घंटे का स्वभाव निर्धारित करता है। गुरु का होरा धन और शिक्षा के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि मंगल का होरा साहस और प्रतियोगिता के लिए अनुकूल होता है। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए शुभ होरा चुनना दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सबसे सरल मुहूर्त साधनों में से एक है।
इन २४ ग्रहीय घंटों के पूरे चक्र को होरा चक्र कहा जाता है। इसे समझकर आप अपने कार्य को ऐसे समय में कर सकते हैं, जब उस ग्रह की ऊर्जा आपके कार्य का समर्थन करती हो।
७ होरा और प्रत्येक किस कार्य के लिए सबसे उपयुक्त है
प्रत्येक होरा अपने अधिपति ग्रह के स्वभाव को दर्शाता है। किसी भी होरा को केवल "शुभ" या "अशुभ" मानने के बजाय, इस तालिका की सहायता से अपने कार्य के अनुसार उपयुक्त होरा चुनें।
| होरा | स्वभाव | सबसे उपयुक्त | इन कार्यों में सावधानी रखें |
|---|---|---|---|
| सूर्य | प्रभावशाली | सत्ता, सरकारी एवं कानूनी कार्य, नेतृत्व, सम्मान और प्रतिष्ठा | कोमल या भावनात्मक विषय |
| चंद्र | सौम्य | यात्रा, भावनात्मक उपचार, रचनात्मक एवं पालन-पोषण संबंधी कार्य | अत्यधिक दबाव वाले टकराव |
| मंगल | आक्रामक | प्रतियोगिता, खेल, शल्य चिकित्सा, साहस, शारीरिक कार्य | वार्ता और समझौता |
| बुध | तेज़ | व्यापार, संचार, अध्ययन, लेखन, लेखा-जोखा | धीमे और अधिक धैर्य वाले कार्य |
| गुरु | फलदायी | वित्त, शिक्षा, आध्यात्मिक साधना, पीला पुखराज धारण करना | बहुत कम - सामान्यतः अत्यंत शुभ |
| शुक्र | शुभकारी | विवाह, प्रेम, कला, वाहन एवं विलासिता की वस्तुओं की खरीद | कठोर या आक्रामक कार्य |
| शनि | मंदगामी | कठोर परिश्रम, संपत्ति संबंधी कार्य, लोहा एवं मशीनरी, अनुशासित दीर्घकालिक कार्य | नए और शुभ कार्यों की शुरुआत |
ध्यान देने योग्य बात: मंगल और शनि के होरा को अक्सर केवल "अशुभ" कहा जाता है। यह अत्यधिक सरलीकरण है। मंगल का होरा प्रतियोगिता, साहस और शारीरिक कार्यों के लिए उत्कृष्ट होता है, जबकि शनि का होरा श्रम, संपत्ति संबंधी कार्यों और अनुशासित प्रयासों के लिए बहुत अनुकूल होता है। ये परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त या अनुपयुक्त होते हैं, स्वभाव से अशुभ नहीं।
सामान्य कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ होरा
जिस कार्य को आप करना चाहते हैं, उससे संबंधित ग्रह का होरा चुनें। पारंपरिक ज्योतिषी प्रायः इन्हीं संयोजनों का सबसे अधिक उपयोग करते हैं।
| कार्य | सर्वश्रेष्ठ होरा | क्यों |
|---|---|---|
| व्यवसाय या नया उद्यम शुरू करना | गुरु या बुध | विकास + उत्कृष्ट व्यावसायिक समझ |
| नौकरी के लिए आवेदन / साक्षात्कार | सूर्य या बुध | सत्ता + प्रभावी संचार |
| विवाह, सगाई, विवाह प्रस्ताव | शुक्र या गुरु | प्रेम + शुभ आशीर्वाद |
| यात्रा | चंद्र या बुध | सुगम आवागमन |
| अध्ययन या परीक्षा | बुध या गुरु | एकाग्रता + ज्ञान |
| निवेश / शेयर बाज़ार | गुरु या बुध | धन + त्वरित निर्णय क्षमता |
| सोना, वाहन या संपत्ति खरीदना | शुक्र (विलासिता) या गुरु | समृद्धि + उचित मूल्य |
| रत्न धारण करना (जैसे पीला पुखराज) | गुरु | गुरु ज्ञान और समृद्धि का कारक है |
केवल होरा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण शुभ समय प्राप्त करने के लिए होरा को दिन के शुभ मुहूर्त के साथ भी देखें।
होरा बनाम चौघड़िया: किसका उपयोग करना चाहिए?
होरा और चौघड़िया दोनों शुभ समय ज्ञात करने की वैदिक प्रणालियाँ हैं और दोनों की गणना सूर्योदय से होती है, लेकिन दोनों अलग-अलग प्रश्नों का उत्तर देती हैं। होरा बताता है कि प्रत्येक घंटे पर किस ग्रह का शासन है, जबकि चौघड़िया दिन के समय को शीघ्रता से शुभ या अशुभ के रूप में दर्शाता है।
| होरा | चौघड़िया | |
|---|---|---|
| दिन को विभाजित करता है | २४ ग्रहीय घंटे (१२ दिन + १२ रात्रि) | ८ दिन + ८ रात्रि के खंड |
| प्रत्येक इकाई की अवधि | लगभग १ घंटा | लगभग १.५ घंटे |
| आधार | अधिपति ग्रह (सूर्य…शनि) | गुण (अमृत, शुभ, लाभ, चल, रोग, काल, उद्वेग) |
| सबसे उपयोगी जब | किसी विशेष कार्य के लिए उपयुक्त ग्रह वाला घंटा चाहिए | शीघ्रता से जानना हो कि "यह समय शुभ है या अशुभ?" |
| विस्तार का स्तर | अधिक सूक्ष्म - प्रत्येक घंटे पर एक ग्रह | अधिक व्यापक - शुभ और अशुभ समय-खंड |
जब कार्य किसी विशेष ग्रह से संबंधित हो, तब होरा का उपयोग करें - जैसे किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बुध का होरा या खरीदारी के लिए शुक्र का होरा। यदि आपको केवल अगला स्पष्ट शुभ समय जानना हो, तो चौघड़िया देखें। बहुत से लोग दोनों का उपयोग करते हैं: इस होरा चार्ट के साथ आज के चौघड़िया समय भी देखें।
होरा की गणना कैसे की जाती है?
होरा की गणना निम्नलिखित ३ नियमों पर आधारित है:
- स्थानीय सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय को २४ होरा में विभाजित किया जाता है - जिनमें १२ होरा सूर्योदय से सूर्यास्त तक (दिन के होरा) और १२ होरा सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक (रात्रि के होरा) होते हैं। वर्षभर दिन और रात की अवधि बदलती रहने के कारण दिन और रात के होरा प्रायः ठीक ६० मिनट के नहीं होते।
- दिन का पहला होरा उस वार के अधिपति ग्रह का होता है: रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को गुरु, शुक्रवार को शुक्र और शनिवार को शनि।
- इसके बाद प्रत्येक होरा चाल्डियन क्रम के अनुसार आगे बढ़ता है - शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र - और यही क्रम लगातार दोहराया जाता है।
ग्रहीय घंटों की इस पद्धति का वर्णन पारंपरिक ज्योतिष साहित्य में मिलता है। इसका प्रमुख ग्रंथ भी इसी के नाम पर है - बृहत् पराशर होरा शास्त्र, जिसका शाब्दिक अर्थ है "पराशर का महान होरा विज्ञान"।
शुभ पंचांग आपके होरा की गणना कैसे करता है?
हम आपके चयनित शहर के सटीक सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर दृक गणित पद्धति से होरा की गणना करते हैं। यह आधुनिक खगोलीय गणना पद्धति है और यही मानक हमारे दैनिक पंचांग में भी उपयोग किया जाता है। समय प्रतिदिन स्वतः अपडेट होता है और आपके स्थान के अनुसार समायोजित होता है, इसलिए जो होरा चार्ट आप देखते हैं वह आपके शहर के लिए होता है, किसी निश्चित डिफ़ॉल्ट स्थान के लिए नहीं।
क्या शहर बदलने पर होरा का समय बदलता है?
हाँ। क्योंकि होरा की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर होती है, इसलिए इसके आरंभ और समाप्ति का समय प्रत्येक शहर में अलग होता है। सूरत का सूर्योदय दिल्ली, मुंबई या चेन्नई से भिन्न होता है, इसलिए प्रत्येक शहर में उस समय चल रहा होरा भी अलग होता है।
हमेशा अपने स्थान के अनुसार होरा देखें। इस पृष्ठ के ऊपर अपना शहर चुनें और पूरे दिन तथा रात का होरा चार्ट आपके लिए पुनः गणना कर दिया जाएगा।
इसे "होरा" क्यों कहा जाता है?
होरा शब्द संस्कृत के अहोरात्र शब्द से बना है, जिसका अर्थ है "दिन और रात"। अ-हो-रा-त्र शब्द के पहले और अंतिम अक्षर हटाने पर "होरा" शब्द बचता है।
व्यवहार में भी यह नाम उपयुक्त है, क्योंकि प्रत्येक होरा दिन और रात के चक्र का एक घंटा होता है और अपने अधिपति ग्रह के प्रभाव को धारण करता है।




