शुभ पंचांग लोगो
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अक्टूबर २०२६ का पंचांग

रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
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कृष्ण ५
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शुक्ल १
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शुक्ल ५
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१७

अक्टूबर, २०२६

शनिवार

अमांत: आश्विन शुक्ल सप्तमीपूर्णिमांत: आश्विन शुक्ल सप्तमी

विक्रम संवत २०८३

चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय:०६:३५ AM
सूर्यास्त:०६:१४ PM

त्योहार और छुट्टियां

राशि

तिथि

शुक्ल षष्ठी
०५:५४ पूर्वाह्न
शुक्ल सप्तमी

नक्षत्र

मूल
०९:४७ पूर्वाह्न
पूर्वाषाढ़ा

योग

अतिगण्ड
११:०१ अपराह्न
सुकर्मा

दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:०४:५९ AM - ०५:४७ AM
राहु काल:०९:३० AM - १०:५७ AM
यमगण्ड काल:०१:५२ PM - ०३:१९ PM
प्रातः सन्ध्या:०५:३१ AM - ०६:३५ AM
मध्याह्न सन्ध्या:११:४९ AM - ०१:०१ PM
सायं सन्ध्या:०६:१४ PM - ०७:१८ PM
करण:वाणिज (०५:५४ पूर्वाह्न बजे तक)
दूसरा करण:विष्टि (०५:५४ पूर्वाह्न बजे के बाद)
अभिजीत मुहूर्त:१२:०१ PM - १२:४८ PM
पक्ष: शुक्ल पक्ष (उजाला)
अमान्त माह: आश्विन
पूर्णिमांत माह: आश्विन
शक संवत: १९४८
विक्रम संवत: २०८३
गुजराती संवत: २०८२

इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ

षष्ठी श्राद्ध:१ अक्टूबर (गुरुवार)
सप्तमी श्राद्ध:२ अक्टूबर (शुक्रवार)
महात्मा गांधी जयंती:२ अक्टूबर (शुक्रवार)
अष्टमी श्राद्ध:३ अक्टूबर (शनिवार)
नवमी श्राद्ध:४ अक्टूबर (रविवार)
दशमी श्राद्ध:५ अक्टूबर (सोमवार)
इंदिरा एकादशी:६ अक्टूबर (मंगलवार)
एकादशी श्राद्ध:६ अक्टूबर (मंगलवार)
द्वादशी श्राद्ध:७ अक्टूबर (बुधवार)
त्रयोदशी श्राद्ध:८ अक्टूबर (गुरुवार)
वायु सेना दिवस:८ अक्टूबर (गुरुवार)
चतुर्दशी श्राद्ध:९ अक्टूबर (शुक्रवार)
सर्वपितृ श्राद्ध:१० अक्टूबर (शनिवार)
आज दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।:१० अक्टूबर (शनिवार)
मातामह श्राद्ध:११ अक्टूबर (रविवार)
नवरात्रि प्रारंभ:११ अक्टूबर (रविवार)
महासप्तमी:१७ अक्टूबर (शनिवार)
महाष्टमी:१८ अक्टूबर (रविवार)
महानवमी:१९ अक्टूबर (सोमवार)
विजय दशमी:२० अक्टूबर (मंगलवार)
पाशांकुशा एकादशी:२२ अक्टूबर (गुरुवार)
आज चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।:२४ अक्टूबर (शनिवार)
शरद पूर्णिमा:२५ अक्टूबर (रविवार)
महर्षि वाल्मिकी जयंती:२६ अक्टूबर (सोमवार)
करवा चौथ:२९ अक्टूबर (गुरुवार)
सरदार पटेल जयंती:३१ अक्टूबर (शनिवार)

अक्टूबर २०२६ का हिंदू पंचांग कैलेंडर वैदिक ज्योतिष पर आधारित एक संपूर्ण मासिक पंचांग है, जिसमें प्रत्येक दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, शुभ मुहूर्त तथा सूर्योदय और सूर्यास्त की सटीक जानकारी दी गई है। यह पंचांग चंद्रमा और ग्रहों की गति के अनुसार स्थान आधारित (City-wise) गणना पर आधारित है।

यह पृष्ठ चयनित महीने के लिए मासिक हिंदू पंचांग कैलेंडर प्रदर्शित करता है। कैलेंडर में दी गई किसी भी तारीख पर क्लिक करके उस दिन का विस्तृत दैनिक पंचांग देखा जा सकता है।

अक्टूबर २०२६ का दैनिक पंचांग

अक्टूबर २०२६ के प्रत्येक दिन के लिए उपलब्ध दैनिक पंचांग में निम्नलिखित जानकारियाँ शामिल होती हैं:

  • दिन की संपूर्ण तिथि और नक्षत्र विवरण
  • राहु काल, यमगण्ड काल और गुलिक काल
  • अभिजीत मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त
  • राशि परिवर्तन और चंद्र स्थिति
  • उस दिन के त्योहार और व्रत

अक्टूबर २०२६ के प्रमुख त्योहार और व्रत

अक्टूबर २०२६ में कई महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार और व्रत आते हैं, जिनमें षष्ठी श्राद्ध, सप्तमी श्राद्ध, महात्मा गांधी जयंती, अष्टमी श्राद्ध, नवमी श्राद्ध, दशमी श्राद्ध, इंदिरा एकादशी, एकादशी श्राद्ध, द्वादशी श्राद्ध, त्रयोदशी श्राद्ध, वायु सेना दिवस, चतुर्दशी श्राद्ध, सर्वपितृ श्राद्ध, आज दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।, मातामह श्राद्ध, नवरात्रि प्रारंभ, महासप्तमी, महाष्टमी, महानवमी, विजय दशमी, पाशांकुशा एकादशी, आज चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।, शरद पूर्णिमा, महर्षि वाल्मिकी जयंती, करवा चौथ और सरदार पटेल जयंती जैसे पर्व शामिल हैं।

सभी त्योहारों की पूरी सूची देखने के लिए त्योहार और छुट्टियां पृष्ठ देखें।

पंचांग कैसे पढ़ें? (तिथि, नक्षत्र, योग और करण)

पंचांग शब्द का अर्थ है "पाँच अंग", जो समय की आध्यात्मिक संरचना को दर्शाते हैं। ये पाँच अंग प्रत्येक दिन की ऊर्जा और शुभता को परिभाषित करते हैं।

तिथि

तिथि चंद्रमा के चरण को दर्शाती है और व्रत, पूजा तथा धार्मिक अनुष्ठानों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण होती है। उदाहरण के लिए, एकादशी उपवास और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।

नक्षत्र

नक्षत्र उस तारा समूह को दर्शाता है जिसमें चंद्रमा स्थित होता है। 27 नक्षत्र मानव भावनाओं, प्रकृति और कार्यों के परिणाम को प्रभावित करते हैं।

योग

योग सूर्य और चंद्रमा के संयोग से बनता है और दिन की शुभता या अशुभता को दर्शाता है। कुछ योग नए कार्य प्रारंभ करने के लिए विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।

करण

करण तिथि का आधा भाग होता है और धार्मिक अनुष्ठानों के समय निर्धारण में सहायक होता है।

वार

प्रत्येक वार एक ग्रह द्वारा शासित होता है और दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

स्थान आधारित सटीक पंचांग

हिंदू पंचांग की गणना भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करती है। शुभ पंचांग आपके चयनित शहर के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रह स्थिति के आधार पर सटीक पंचांग प्रदान करता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्टूबर २०२६ का दैनिक पंचांग

अक्टूबर २०२६ के प्रमुख त्योहार और व्रत

पंचांग कैसे पढ़ें? (तिथि, नक्षत्र, योग और करण)

स्थान आधारित सटीक पंचांग