शुभ पंचांग लोगो
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ताराबल

नक्षत्र

ज्येष्ठा
ज्येष्ठा
०६:४७ पूर्वाह्न
मूल
मूल
नक्षत्र
परिणाम
अश्विनी
अश्विनी
९परम मित्र - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
१जन्म - अशुभ
भरणी
भरणी
८मित्र - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
९परम मित्र - शुभ
कृत्तिका
कृत्तिका
७नैधन - अत्यंत अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
८मित्र - शुभ
रोहिणी
रोहिणी
६साधक - अत्यंत शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
७नैधन - अत्यंत अशुभ
मृगशिरा
मृगशिरा
५प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
०६:४७ पूर्वाह्न
६साधक - अत्यंत शुभ
आर्द्रा
आर्द्रा
४क्षेम - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
५प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
पुनर्वसु
पुनर्वसु
३विपत - अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
४क्षेम - शुभ
पुष्य
पुष्य
२संपत - अत्यंत शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
३विपत - अशुभ
आश्लेषा
आश्लेषा
१जन्म - अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
२संपत - अत्यंत शुभ
मघा
मघा
९परम मित्र - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
१जन्म - अशुभ
पूर्व फाल्गुनी
पूर्व फाल्गुनी
८मित्र - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
९परम मित्र - शुभ
उत्तर फाल्गुनी
उत्तर फाल्गुनी
७नैधन - अत्यंत अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
८मित्र - शुभ
हस्त
हस्त
६साधक - अत्यंत शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
७नैधन - अत्यंत अशुभ
चित्रा
चित्रा
५प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
०६:४७ पूर्वाह्न
६साधक - अत्यंत शुभ
स्वाति
स्वाति
४क्षेम - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
५प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
विशाखा
विशाखा
३विपत - अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
४क्षेम - शुभ
अनुराधा
अनुराधा
२संपत - अत्यंत शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
३विपत - अशुभ
ज्येष्ठा
ज्येष्ठा
१जन्म - अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
२संपत - अत्यंत शुभ
मूल
मूल
९परम मित्र - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
१जन्म - अशुभ
पूर्वाषाढ़ा
पूर्वाषाढ़ा
८मित्र - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
९परम मित्र - शुभ
उत्तराषाढ़ा
उत्तराषाढ़ा
७नैधन - अत्यंत अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
८मित्र - शुभ
श्रवण
श्रवण
६साधक - अत्यंत शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
७नैधन - अत्यंत अशुभ
धनिष्ठा
धनिष्ठा
५प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
०६:४७ पूर्वाह्न
६साधक - अत्यंत शुभ
शतभिषा
शतभिषा
४क्षेम - शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
५प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
पूर्वभाद्रपद
पूर्वभाद्रपद
३विपत - अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
४क्षेम - शुभ
उत्तरभाद्रपद
उत्तरभाद्रपद
२संपत - अत्यंत शुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
३विपत - अशुभ
रेवती
रेवती
१जन्म - अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न
२संपत - अत्यंत शुभ

आज का ताराबल : अर्थ, गणना और ज्योतिषीय महत्व

वैदिक ज्योतिष में ताराबल जन्म नक्षत्र और वर्तमान गोचर नक्षत्र के संबंध से प्राप्त बल को दर्शाता है। यह बताता है कि आज का दिन आपके लिए शुभ है या अशुभ।

जन्म नक्षत्र से वर्तमान नक्षत्र तक की गणना करके ताराबल निर्धारित किया जाता है।

ताराबल कैसे गणना करें?

  • जन्म – अशुभ
  • संपत – अत्यंत शुभ
  • विपत – अशुभ
  • क्षेम – शुभ
  • प्रत्यारी – सावधानी आवश्यक
  • साधक – अत्यंत शुभ
  • नैधन – अत्यंत अशुभ
  • मित्र – शुभ
  • परम मित्र – शुभ

पंचांग में २७ नक्षत्रों के लिए ताराबल दिखाया जाता है ताकि व्यक्ति अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार परिणाम देख सके।

ताराबल का महत्व

यात्रा, नया कार्य प्रारंभ, व्यवसाय, समझौते या धार्मिक अनुष्ठान से पहले ताराबल देखना शुभ माना जाता है।

मजबूत ताराबल सफलता और प्रगति का संकेत देता है, जबकि कमजोर ताराबल बाधाओं का संकेत हो सकता है।

आज का ताराबल कैसे देखें?

ताराबल देखने के लिए सबसे पहले अपना जन्म नक्षत्र जानना आवश्यक होता है। इसके बाद आज चंद्रमा जिस नक्षत्र में गोचर कर रहा है, उसकी तुलना जन्म नक्षत्र से की जाती है। पंचांग में सभी 27 नक्षत्रों के लिए ताराबल के परिणाम दिए जाते हैं, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि दिन कितना अनुकूल है।

यदि ताराबल कमजोर हो तो क्या करें?

यदि ताराबल अनुकूल न हो तो महत्वपूर्ण निर्णय या नए कार्य कुछ समय के लिए टालना बेहतर माना जाता है। ऐसे समय में पूजा-पाठ, मंत्र जाप या शुभ मुहूर्त देखकर कार्य करना ज्योतिष में लाभकारी माना जाता है।

क्या ताराबल और चंद्रबल दोनों देखना चाहिए?

हाँ, महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ताराबल और चंद्रबल दोनों देखना उचित माना जाता है। ताराबल जन्म नक्षत्र और वर्तमान नक्षत्र के संबंध पर आधारित होता है, जबकि चंद्रबल जन्म राशि और चंद्रमा के गोचर से संबंधित होता है। दोनों को साथ में देखने से दिन की शुभता का बेहतर आकलन किया जा सकता है।