



पश्चिमी चार ऋतु प्रणाली से अलग, भारतीय परंपरा में वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित किया गया है, जिसे षड् ऋतु कहा जाता है।
प्रत्येक ऋतु लगभग दो महीने चलती है और जीवनशैली, स्वास्थ्य तथा त्योहारों को प्रभावित करती है।
मार्च–अप्रैल में नई शुरुआत और विकास का प्रतीक।
मई–जून में गर्मी और सूर्य ऊर्जा का समय।
जुलाई–अगस्त में वर्षा और शुद्धि का काल।
सितंबर–अक्टूबर में स्पष्टता और संतुलन।
नवंबर–दिसंबर में शीतलता और शक्ति।
जनवरी–फरवरी में अत्यधिक ठंड का समय।
प्रत्येक ऋतु शरीर के दोषों को प्रभावित करती है और आहार-विहार में परिवर्तन आवश्यक होता है।
भौगोलिक और जलवायु विविधता के कारण।
लगभग दो महीने।
हाँ, भारतीय प्रणाली वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जबकि पश्चिमी प्रणाली में चार ऋतुएँ होती हैं।
हाँ, प्रत्येक ऋतु शरीर की संरचना को प्रभावित करती है और जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता होती है।
हाँ, कई भारतीय त्योहार ऋतु परिवर्तन से संबंधित हैं।