

मंगल
(न, य)
लाल
1, 8
तांबा, स्टील, सोना
मूंगा
पूर्वी, उत्तर
जल
स्थिर
कफ
श्री हनुमान जी
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
मूंगा, माणिक्य तथा पुखराज
मंगलवार, गुरुवार और रविवार
वृश्चिक राशि को गहराई, तीव्रता और आत्म-परिवर्तन की शक्ति वाली राशि माना जाता है। Scorpio Rashi का zodiac sign meaning सहनशीलता, रहस्य-भाव और कठिन सत्य का सामना करने की क्षमता से जुड़ा है, इसलिए वृश्चिक राशि के जातक भावनाओं को गहराई से महसूस करते हैं पर उन्हें नियंत्रित ढंग से व्यक्त करते हैं। वृश्चिक Swabhav जल तत्व की तीव्र प्रकृति दर्शाता है; ये लोग सूक्ष्म निरीक्षण करते हैं, भरोसा धीरे बनाते हैं और एक बार जुड़ने पर पूर्ण समर्पण दिखाते हैं।
परंपरा में मंगल वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह माना जाता है और कई परंपराओं में केतु का संबंध भी वृश्चिक से जोड़ा जाता है, जिससे निर्भीकता और खोजी दृष्टि बढ़ती है। प्रमुख गुणों में दृढ़ निश्चय, तीक्ष्ण अंतर्ज्ञान और सीमाओं की स्पष्ट समझ शामिल है। वृश्चिक राशि की शक्तियाँ कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संकट में साहस और गिरकर भी पुनर्निर्माण की क्षमता हैं। कमजोरियाँ संदेह, अधिकार-भाव और मन में चोट को लंबे समय तक पकड़े रखना हो सकती हैं।
परंपरा में वृश्चिक राशि के नाम अक्षर N, Y माने जाते हैं। नामकरण मार्गदर्शन में इन अक्षरों का उल्लेख मिलता है और यह वृश्चिक राशि के सांस्कृतिक संकेतों से जुड़ता है।
करियर में वृश्चिक राशि ऐसे क्षेत्रों में अच्छी रहती है जहाँ शोध, गोपनीयता और रणनीति आवश्यक हो—जांच-पड़ताल, मनोविज्ञान, चिकित्सा, वित्त, सुरक्षा, विश्लेषण, कानून-प्रवर्तन या जटिल जिम्मेदारी वाले नेतृत्व पद। संबंधों में ये निष्ठा और भावनात्मक ईमानदारी चाहते हैं; बदले में गहरी प्रतिबद्धता देते हैं। वृश्चिक राशि को समझना आवश्यक है क्योंकि इससे तीव्र ऊर्जा बुद्धिमानी में बदलती है और मंगल की शक्ति अनुशासित साहस व स्वस्थ भरोसे की दिशा में जाती है।