
अयोध्या मंदिर
अयोध्या
राम नवमी भगवान श्रीराम के पावन जन्मोत्सव को दर्शाती है, जो धर्म और भक्ति की विजय का प्रतीक है।

राम नवमी भगवान राम के जन्म का उत्सव है, जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं और धर्म, सत्य एवं आदर्श आचरण के शाश्वत प्रतीक हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाने वाली राम नवमी उस क्षण को चिह्नित करती है जब भगवान राम ने अधर्म से मानवता की रक्षा हेतु अयोध्या में अवतार लिया। शुभ पंचांग श्री राम के जन्मस्थान और अन्य पवित्र मंदिरों से राम नवमी का लाइव दर्शन सीधे आपकी स्क्रीन पर लाता है।
राम नवमी 2027 गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को है। मध्याह्न मुहूर्त — दिन का मध्य भाग — सबसे शुभ समय है, जब भगवान राम का जन्म हुआ माना जाता है। भक्त रामायण का पाठ करते हैं, हनुमान चालीसा गाते हैं और दोपहर की आरती में प्रार्थना करते हैं।
शुभ पंचांग पर सबसे पवित्र राम मंदिर का लाइव दर्शन देखें:
आप इस शुभ समय पर विष्णु दर्शन के लिए भारत के अन्य पवित्र वैष्णव मंदिरों को भी देख सकते हैं।
राम नवमी गहरी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। भक्त दिन की शुरुआत स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर करते हैं और दिनभर व्रत का संकल्प लेते हैं। पूजा वेदी को राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियों या चित्रों से सजाया जाता है। दिनभर भक्त सुंदरकांड का पाठ, हनुमान चालीसा का जाप और रामायण के अंश पढ़ते हैं। दोपहर में — राम के जन्म के समय — विशेष आरती होती है और पनकम (गुड़ का शरबत) तथा कोसुमल्ली (मूंग का सलाद) प्रसाद वितरित किया जाता है।
राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में राम नवमी भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले ऑनलाइन दर्शन आयोजनों में से एक बन गई है। लाइव ऑनलाइन दर्शन के माध्यम से विश्व भर के भक्त बिना यात्रा किए राम जन्मभूमि की दोपहर आरती देख सकते हैं। अपने दर्शन को आज के पंचांग के साथ जोड़ें, राम नवमी का पूर्ण महत्व पढ़ें या आगामी उत्सवों के लिए हिंदू त्योहार कैलेंडर देखें।
राम नवमी 2027 गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को है। दोपहर का मध्याह्न मुहूर्त राम पूजा के लिए सबसे शुभ समय है।
राम नवमी 2028 मंगलवार, 4 अप्रैल 2028 को होने की संभावना है। सटीक तिथि स्थान के अनुसार बदल सकती है।
राम नवमी भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का उत्सव है। भगवान राम धर्म, सत्य और आदर्श आचरण के प्रतीक हैं — इस दिन के पालन से हृदय शुद्ध होता है और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
शुभ पंचांग पर अयोध्या राम मंदिर — भगवान राम के जन्मस्थान और राम नवमी उत्सव के केंद्र — का लाइव दर्शन उपलब्ध है।
भक्त दिनभर व्रत रखते हैं, पूजा वेदी को राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियों से सजाते हैं, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, जन्म के समय दोपहर की आरती करते हैं और प्रसाद के रूप में पनकम तथा कोसुमल्ली अर्पित करते हैं।
राम नवमी व्रत प्रायः फलाहार रूप में रखा जाता है — भक्त केवल फल, दूध, मेवे और पनकम (गुड़ का शरबत) ग्रहण करते हैं। अन्न, नमक और प्याज-लहसुन वर्जित हैं। दोपहर की आरती के बाद व्रत खोला जाता है।
हाँ — शुभ पंचांग पर सभी राम नवमी लाइव दर्शन पूर्णतः निःशुल्क हैं। कोई लॉगिन या सब्सक्रिप्शन आवश्यक नहीं है।
हाँ — लाइव दर्शन प्लेयर एंड्रॉइड, iPhone, टैबलेट और डेस्कटॉप पर काम करता है। किसी भी ब्राउज़र में अयोध्या मंदिर पेज खोलें।
परिवार पूजा क्षेत्र को साफ कर सजाते हैं, भगवान राम और उनके परिवार की मूर्तियाँ स्थापित करते हैं, सुंदरकांड का पाठ करते हैं, दोपहर की आरती करते हैं, पनकम और कोसुमल्ली प्रसाद वितरित करते हैं और एक साथ रामायण पढ़ते या सुनते हैं।
मध्याह्न मुहूर्त — लगभग देर सुबह से प्रारंभिक अपराह्न तक — सबसे शुभ समय माना जाता है। सटीक समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है।