परिचय
संत निकोलस दिवस 6 दिसंबर को कई यूरोपीय देशों में मनाया जाता है, विशेष रूप से जर्मनी, नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रिया में। यह 4वीं सदी के संत निकोलस की स्मृति में मनाया जाता है, जो बच्चों के प्रति अपनी उदारता और दयालुता के लिए प्रसिद्ध थे।
इतिहास और उत्पत्ति
संत निकोलस का जन्म लगभग 270 ईस्वी में हुआ था और वे तुर्की क्षेत्र के मायरा के बिशप थे। वे गुप्त रूप से उपहार देने के लिए प्रसिद्ध थे और यही परंपरा आधुनिक ‘सांता क्लॉज’ की प्रेरणा बनी। मध्य युग से ही यह परंपरा चली आ रही है।
आधुनिक उत्सव
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5 दिसंबर की रात को बच्चे अपने जूते बाहर रखते हैं।
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संत निकोलस उन्हें चॉकलेट, संतरा, मेवे और खिलौनों से भरते हैं।
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कुछ क्षेत्रों में क्रैम्पस या अन्य साथी पात्र भी आते हैं।
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परेड, नाटक और बाजार भी सजते हैं।
महत्त्व
यह दिन दयालुता, परोपकार और जरुरतमंदों की सहायता जैसे मूल्यों को बढ़ावा देता है।
निष्कर्ष
संत निकोलस दिवस एक सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है जो उदारता और अच्छाई को बढ़ावा देता है। यह हमें सिखाता है कि छोटे उपहार और करुणा बड़े प्रभाव डाल सकते हैं।




