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६ मार्च २०२७ का पंचांग

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मार्च, २०२७

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दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:
राहु काल:
यमगण्ड काल:
प्रातः सन्ध्या:
मध्याह्न सन्ध्या:
सायं सन्ध्या:
करण:
दूसरा करण:
अभिजीत मुहूर्त:
पक्ष:
अमान्त माह:
पूर्णिमांत माह:
शक संवत:
विक्रम संवत:
गुजराती संवत:

इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ

६ मार्च २०२७ का पंचांग

६ मार्च २०२७ को शनिवार है। यह दिन माघ मास, कृष्ण पक्ष में आता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी है, जो १२:०३ अपराह्न तक रहेगी; इसके बाद कृष्ण पक्ष चतुर्दशी प्रारंभ होगी। इस दिन का नक्षत्र श्रवण है, जो ०४:२० पूर्वाह्न के बाद धनिष्ठा में बदलेगा। राहु काल ०९:५४ AM से ११:२२ AM तक रहेगा।

वारशनिवार
माहमार्च २०२७
तिथित्रयोदशी (१२:०३ अपराह्न तक; फिर चतुर्दशी)
तिथिकृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदयकालीन तिथि (उदय तिथि)त्रयोदशी
नक्षत्रश्रवण (०४:२० पूर्वाह्न तक; फिर धनिष्ठा)
योगपरिघ (०२:४१ पूर्वाह्न तक; फिर शिव)
करणवाणिज (१२:०३ अपराह्न तक; फिर विष्टि)
पक्षकृष्ण
मासमाघ
राहु काल०९:५४ AM – ११:२२ AM
गुलिक काल०६:५७ AM – ०८:२५ AM
यमगण्ड काल०२:२० PM – ०३:४८ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:२७ PM – ०१:१५ PM
ब्रह्म मुहूर्त०५:२१ AM – ०६:०९ AM
सूर्योदय०६:५७ AM
सूर्यास्त०६:४५ PM
चंद्र राशिमकर (०५:३४ अपराह्न तक; फिर कुंभ)
शुभ रंगनीला
विक्रम संवत२०८३
शक संवत१९४८

६ मार्च २०२७ को क्या है?

६ मार्च २०२७ को शनिवार है। इस दिन का नक्षत्र श्रवण, योग परिघ, चंद्र राशि मकर है। इस दिन महाशिवरात्रि का पर्व है।

६ मार्च २०२७ को कौन-सी तिथि है?

६ मार्च २०२७ को कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि है। यह तिथि १२:०३ अपराह्न तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। सभी प्रदोष व्रत की तिथियां देखें।

६ मार्च २०२७ का नक्षत्र क्या है?

६ मार्च २०२७ का नक्षत्र श्रवण है। ०४:२० पूर्वाह्न के बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

६ मार्च २०२७ का राहु काल क्या है?

६ मार्च २०२७ का राहु काल ०९:५४ AM से ११:२२ AM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।

६ मार्च २०२७ का शुभ मुहूर्त क्या है?

६ मार्च २०२७ का अभिजीत मुहूर्त १२:२७ PM से ०१:१५ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०५:२१ AM से ०६:०९ AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।

६ मार्च २०२७ के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:२७ PM – ०१:१५ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०५:२१ AM – ०६:०९ AM), शुभ रंग नीला
अशुभ समय: राहु काल (०९:५४ AM – ११:२२ AM), गुलिक काल (०६:५७ AM – ०८:२५ AM), यमगण्ड काल (०२:२० PM – ०३:४८ PM)।

क्या ६ मार्च २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, ६ मार्च २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

६ मार्च २०२७ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

६ मार्च २०२७ को कौन-सी तिथि है?

६ मार्च २०२७ को क्या है?

६ मार्च २०२७ का नक्षत्र क्या है?

६ मार्च २०२७ का राहु काल क्या है?

६ मार्च २०२७ का शुभ मुहूर्त क्या है?

६ मार्च २०२७ के शुभ और अशुभ समय

६ मार्च २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

६ मार्च २०२७ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?