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२१ फरवरी २०२६ का पंचांग

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२१

फरवरी, २०२६

शनिवार

सूर्योदय और सूर्यास्त

त्योहार और छुट्टियां

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दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:
राहु काल:
यमगण्ड काल:
प्रातः सन्ध्या:
करण:
दूसरा करण:
अभिजीत मुहूर्त:
पक्ष:
अमान्त माह:
पूर्णिमांत माह:
शक संवत:
विक्रम संवत:
गुजराती संवत:

इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ

२१ फरवरी २०२६ के पंचांग से संबंधित जानकारी

२१ फरवरी २०२६ को कौन-सी तिथि है?

२१ फरवरी २०२६ को सुद चतुर्थी तिथि है। यह तिथि ०१:०० अपराह्न तक रहेगी, इसके बाद सुद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी।

२१ फरवरी २०२६ को क्या है?

२१ फरवरी २०२६ को शनिवार है। इस दिन का नक्षत्र रेवती (और ०७:०७ अपराह्न के बाद अश्विनी) और इस दिन का राहु काल १०:०० AM से ११:२७ AM तक है

क्या २१ फरवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, २१ फरवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

२१ फरवरी २०२६ के शुभ मुहूर्त और चौघड़िया कहाँ देखें?

२१ फरवरी २०२६ के शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखने के लिए शुभ मुहूर्त और चौघड़िया पृष्ठ देखें।

२१ फरवरी २०२६ के हिंदू त्योहार और व्रत कहाँ देखें?

२१ फरवरी २०२६ के हिंदू त्योहार और व्रत की जानकारी के लिए त्योहार और छुट्टियां पृष्ठ देखें।

२१ फरवरी २०२६ के शुभ और अशुभ समय

इस दिन के पंचांग में दिए गए राहु काल, यमगण्ड काल और गुलिक काल को ध्यान में रखकर दिन की योजना बनाई जा सकती है, जबकि अभिजीत मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।

२१ फरवरी २०२६ की तिथि, नक्षत्र और योग

इस दिन की तिथि और नक्षत्र का विशेष धार्मिक महत्व होता है। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाता है, जबकि योग दिन की ऊर्जा और फल को प्रभावित करता है।

स्थान आधारित सटीक पंचांग

पंचांग की गणना भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रह स्थिति के आधार पर सटीक दैनिक पंचांग प्रदान करता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें