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१३ फरवरी २०२६ का पंचांग

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फरवरी, २०२६

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१३ फरवरी २०२६ का पंचांग

१३ फरवरी २०२६ को शुक्रवार है। यह दिन माघ मास, कृष्ण पक्ष में आता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी है, जो ०२:२६ अपराह्न तक रहेगी; इसके बाद कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रारंभ होगी। इस दिन का नक्षत्र मूल है, जो ०४:१२ अपराह्न के बाद पूर्वाषाढ़ा में बदलेगा। राहु काल ११:२८ AM से १२:५४ PM तक रहेगा।

वारशुक्रवार
माहफरवरी २०२६
तिथिएकादशी (०२:२६ अपराह्न तक; फिर द्वादशी)
नक्षत्रमूल (०४:१२ अपराह्न तक; फिर पूर्वाषाढ़ा)
योगहर्षण (०३:०४ पूर्वाह्न तक; फिर वज्र)
करणबालव (०२:२६ अपराह्न तक; फिर कौलव)
पक्षकृष्ण
मासमाघ
राहु काल११:२८ AM – १२:५४ PM
गुलिक काल०८:३७ AM – १०:०३ AM
यमगण्ड काल०३:४५ PM – ०५:११ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:३१ PM – ०१:१७ PM
ब्रह्म मुहूर्त०५:३५ AM – ०६:२३ AM
सूर्योदय०७:११ AM
सूर्यास्त०६:३६ PM
चंद्र राशिधनु (१२:०० पूर्वाह्न तक)
शुभ रंगसफ़ेद
विक्रम संवत२०८२
शक संवत१९४७

१३ फरवरी २०२६ को क्या है?

१३ फरवरी २०२६ को शुक्रवार है। इस दिन का नक्षत्र मूल, योग हर्षण, चंद्र राशि धनु है। इस दिन विजया एकादशी का पर्व है।

१३ फरवरी २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१३ फरवरी २०२६ को कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि है। यह तिथि ०२:२६ अपराह्न तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। सभी एकादशी तिथियाँ देखें।

१३ फरवरी २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१३ फरवरी २०२६ का नक्षत्र मूल है। ०४:१२ अपराह्न के बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

१३ फरवरी २०२६ का राहु काल क्या है?

१३ फरवरी २०२६ का राहु काल ११:२८ AM से १२:५४ PM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।

१३ फरवरी २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१३ फरवरी २०२६ का अभिजीत मुहूर्त १२:३१ PM से ०१:१७ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०५:३५ AM से ०६:२३ AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।

१३ फरवरी २०२६ के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:३१ PM – ०१:१७ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०५:३५ AM – ०६:२३ AM), शुभ रंग सफ़ेद
अशुभ समय: राहु काल (११:२८ AM – १२:५४ PM), गुलिक काल (०८:३७ AM – १०:०३ AM), यमगण्ड काल (०३:४५ PM – ०५:११ PM)।

क्या १३ फरवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, १३ फरवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

१३ फरवरी २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

१३ फरवरी २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१३ फरवरी २०२६ को क्या है?

१३ फरवरी २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१३ फरवरी २०२६ का राहु काल क्या है?

१३ फरवरी २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१३ फरवरी २०२६ के शुभ और अशुभ समय

१३ फरवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

१३ फरवरी २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?