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चंद्र नक्षत्र पद गोचर (Chandra Nakshatra Pada Gochar) – वैदिक ज्योतिष में चंद्र का पद परिवर्तन

वैदिक ज्योतिष में चंद्र नक्षत्र पद गोचर का अर्थ है चंद्र का नक्षत्र के चार पदों में भ्रमण। चंद्र लगभग २७.३ दिनों में पूरा राशि चक्र पूर्ण करता है और प्रतिदिन लगभग १३°२०′ चलता है। प्रत्येक नक्षत्र १३°२०′ और प्रत्येक पद ३°२०′ का होता है, इसलिए चंद्र लगभग १ दिन एक नक्षत्र में और लगभग ५ से ८ घंटे घंटे एक पद में रहता है।

चंद्र मन, भावनाएँ, माता, कल्पना और दैनिक अनुभवों का कारक है। नए पद में प्रवेश करने पर भावनात्मक स्तर पर सूक्ष्म परिवर्तन होता है।

चंद्र नक्षत्र पद गोचर का महत्व

यह गोचर मुहूर्त निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से यात्रा, चर्चा और आध्यात्मिक साधना के लिए उपयोगी है।

नक्षत्र पद क्या है?

प्रत्येक नक्षत्र चार समान भागों में विभाजित होता है, जिन्हें पद कहा जाता है। प्रत्येक पद ३°२०′ का होता है और नवांश राशि से संबंधित होता है।

चंद्र नक्षत्र पद गोचर के दौरान क्या होता है?

चंद्र के पद परिवर्तन से मूड और मानसिक स्थिति में तेजी से बदलाव आता है। चंद्र सबसे तेज गति वाला ग्रह है, इसलिए इसका प्रभाव अल्पकालिक लेकिन स्पष्ट होता है।

चंद्र पद गोचर दैनिक निर्णय, भावनात्मक प्रतिक्रिया और पारिवारिक संबंधों को प्रभावित करता है।

चंद्र नक्षत्र पद गोचर की गणना कैसे की जाती है?

चंद्र की वास्तविक खगोलीय स्थिति के आधार पर इसकी गणना की जाती है। प्रत्येक पद ३°२०′ का होता है, और चंद्र लगभग ५ से ८ घंटे घंटे एक पद में रहता है।

चंद्र एक पद में कितने समय तक रहता है?

चंद्र प्रत्येक पद में लगभग ५ से ८ घंटे घंटे तक रहता है।

क्या पद गोचर अधिक सटीक है?

हाँ, यह घंटे-स्तर की सटीकता प्रदान करता है।

क्या इसका प्रभाव सभी पर समान होता है?

नहीं, इसका प्रभाव व्यक्ति की जन्म कुंडली पर निर्भर करता है।