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४ सितंबर २०२६ का पंचांग

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सितंबर, २०२६

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दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:
राहु काल:
यमगण्ड काल:
प्रातः सन्ध्या:
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सायं सन्ध्या:
करण:
दूसरा करण:
अभिजीत मुहूर्त:
पक्ष:
अमान्त माह:
पूर्णिमांत माह:
शक संवत:
विक्रम संवत:
गुजराती संवत:

इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ

४ सितंबर २०२६ का पंचांग

४ सितंबर २०२६ को शुक्रवार है। यह दिन श्रावण मास, कृष्ण पक्ष में आता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष सप्तमी है, जो ०२:२५ पूर्वाह्न तक रहेगी; इसके बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी प्रारंभ होगी। इस दिन का नक्षत्र कृत्तिका है, जो १२:२९ पूर्वाह्न के बाद रोहिणी में बदलेगा। राहु काल ११:०५ AM से १२:३९ PM तक रहेगा।

वारशुक्रवार
माहसितंबर २०२६
तिथिसप्तमी (०२:२५ पूर्वाह्न तक; फिर अष्टमी)
तिथिकृष्ण सप्तमी
सूर्योदयकालीन तिथि (उदय तिथि)सप्तमी
नक्षत्रकृत्तिका (१२:२९ पूर्वाह्न तक; फिर रोहिणी)
योगहर्षण (०३:४२ अपराह्न तक; फिर वज्र)
करणकौलव (०२:२५ पूर्वाह्न तक; फिर तैतिल)
पक्षकृष्ण
मासश्रावण
राहु काल११:०५ AM – १२:३९ PM
गुलिक काल०७:५८ AM – ०९:३१ AM
यमगण्ड काल०३:४६ PM – ०५:२० PM
अभिजीत मुहूर्त१२:१४ PM – ०१:०४ PM
ब्रह्म मुहूर्त०४:४८ AM – ०५:३६ AM
सूर्योदय०६:२४ AM
सूर्यास्त०६:५४ PM
चंद्र राशिवृषभ (१२:०० पूर्वाह्न तक)
शुभ रंगसफ़ेद
विक्रम संवत२०८३
शक संवत१९४८

४ सितंबर २०२६ को क्या है?

४ सितंबर २०२६ को शुक्रवार है। इस दिन का नक्षत्र कृत्तिका, योग हर्षण, चंद्र राशि वृषभ है। इस दिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व है।

४ सितंबर २०२६ को कौन-सी तिथि है?

४ सितंबर २०२६ को कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि है। यह तिथि ०२:२५ पूर्वाह्न तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी।

४ सितंबर २०२६ का नक्षत्र क्या है?

४ सितंबर २०२६ का नक्षत्र कृत्तिका है। १२:२९ पूर्वाह्न के बाद रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

४ सितंबर २०२६ का राहु काल क्या है?

४ सितंबर २०२६ का राहु काल ११:०५ AM से १२:३९ PM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।

४ सितंबर २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

४ सितंबर २०२६ का अभिजीत मुहूर्त १२:१४ PM से ०१:०४ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०४:४८ AM से ०५:३६ AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।

४ सितंबर २०२६ के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:१४ PM – ०१:०४ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०४:४८ AM – ०५:३६ AM), शुभ रंग सफ़ेद
अशुभ समय: राहु काल (११:०५ AM – १२:३९ PM), गुलिक काल (०७:५८ AM – ०९:३१ AM), यमगण्ड काल (०३:४६ PM – ०५:२० PM)।

क्या ४ सितंबर २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, ४ सितंबर २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

४ सितंबर २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

४ सितंबर २०२६ को कौन-सी तिथि है?

४ सितंबर २०२६ को क्या है?

४ सितंबर २०२६ का नक्षत्र क्या है?

४ सितंबर २०२६ का राहु काल क्या है?

४ सितंबर २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

४ सितंबर २०२६ के शुभ और अशुभ समय

४ सितंबर २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

४ सितंबर २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?