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१८ अप्रैल २०२६ का पंचांग

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१८

अप्रैल, २०२६

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दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:
राहु काल:
यमगण्ड काल:
प्रातः सन्ध्या:
मध्याह्न सन्ध्या:
सायं सन्ध्या:
करण:
दूसरा करण:
अभिजीत मुहूर्त:
पक्ष:
अमान्त माह:
पूर्णिमांत माह:
शक संवत:
विक्रम संवत:
गुजराती संवत:

इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ

१८ अप्रैल २०२६ का पंचांग

१८ अप्रैल २०२६ को शनिवार है। यह दिन वैशाख मास, शुक्ल पक्ष में आता है। आज की तिथि शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है, जो ०२:१० अपराह्न तक रहेगी; इसके बाद शुक्ल पक्ष द्वितीया प्रारंभ होगी। इस दिन का नक्षत्र अश्विनी है, जो ०९:४२ पूर्वाह्न के बाद भरणी में बदलेगा। राहु काल ०९:२८ AM से ११:०४ AM तक रहेगा।

वारशनिवार
माहअप्रैल २०२६
तिथिप्रतिपदा (०२:१० अपराह्न तक; फिर द्वितीया)
नक्षत्रअश्विनी (०९:४२ पूर्वाह्न तक; फिर भरणी)
योगविष्कुम्भ (०३:४४ पूर्वाह्न तक; फिर प्रीति)
करणकिंस्तुघ्न (०२:१० अपराह्न तक; फिर बव)
पक्षशुक्ल
मासवैशाख
राहु काल०९:२८ AM – ११:०४ AM
गुलिक काल०६:१८ AM – ०७:५३ AM
यमगण्ड काल०२:१४ PM – ०३:४९ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:१३ PM – ०१:०४ PM
ब्रह्म मुहूर्त०४:४२ AM – ०५:३० AM
सूर्योदय०६:१८ AM
सूर्यास्त०६:५९ PM
चंद्र राशिमेष (१२:०० पूर्वाह्न तक)
शुभ रंगनीला
विक्रम संवत२०८३
शक संवत१९४८

१८ अप्रैल २०२६ को क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ को शनिवार है। इस दिन का नक्षत्र अश्विनी, योग विष्कुम्भ, चंद्र राशि मेष है।

१८ अप्रैल २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१८ अप्रैल २०२६ को शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि है। यह तिथि ०२:१० अपराह्न तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि प्रारंभ होगी।

१८ अप्रैल २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ का नक्षत्र अश्विनी है। ०९:४२ पूर्वाह्न के बाद भरणी नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

१८ अप्रैल २०२६ का राहु काल क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ का राहु काल ०९:२८ AM से ११:०४ AM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।

१८ अप्रैल २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ का अभिजीत मुहूर्त १२:१३ PM से ०१:०४ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०४:४२ AM से ०५:३० AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।

१८ अप्रैल २०२६ के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:१३ PM – ०१:०४ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०४:४२ AM – ०५:३० AM), शुभ रंग नीला
अशुभ समय: राहु काल (०९:२८ AM – ११:०४ AM), गुलिक काल (०६:१८ AM – ०७:५३ AM), यमगण्ड काल (०२:१४ PM – ०३:४९ PM)।

क्या १८ अप्रैल २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, १८ अप्रैल २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

१८ अप्रैल २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

१८ अप्रैल २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१८ अप्रैल २०२६ को क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ का राहु काल क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१८ अप्रैल २०२६ के शुभ और अशुभ समय

१८ अप्रैल २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

१८ अप्रैल २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?