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१८ जनवरी २०२६ का पंचांग

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१८

जनवरी, २०२६

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दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:
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१८ जनवरी २०२६ का पंचांग

१८ जनवरी २०२६ को रविवार है। यह दिन पौष मास, कृष्ण पक्ष में आता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष चतुर्दशी है, जो १२:०४ पूर्वाह्न तक रहेगी; इसके बाद कृष्ण पक्ष अमावस प्रारंभ होगी। इस दिन का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, जो १०:१४ पूर्वाह्न के बाद उत्तराषाढ़ा में बदलेगा। राहु काल ०४:५७ PM से ०६:२० PM तक रहेगा।

वाररविवार
माहजनवरी २०२६
तिथिचतुर्दशी (१२:०४ पूर्वाह्न तक; फिर अमावस)
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा (१०:१४ पूर्वाह्न तक; फिर उत्तराषाढ़ा)
योगहर्षण (०९:०९ अपराह्न तक; फिर वज्र)
करणनागव (१२:०४ पूर्वाह्न तक; फिर किंस्तुघ्न)
पक्षकृष्ण
मासपौष
राहु काल०४:५७ PM – ०६:२० PM
गुलिक काल०३:३५ PM – ०४:५७ PM
यमगण्ड काल१२:५० PM – ०२:१२ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:२८ PM – ०१:१२ PM
ब्रह्म मुहूर्त०५:४३ AM – ०६:३१ AM
सूर्योदय०७:१९ AM
सूर्यास्त०६:२० PM
चंद्र राशिधनु (०४:४० अपराह्न तक; फिर मकर)
शुभ रंगलाल
विक्रम संवत२०८२
शक संवत१९४७

१८ जनवरी २०२६ को क्या है?

१८ जनवरी २०२६ को रविवार है। इस दिन का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग हर्षण, चंद्र राशि धनु है। इस दिन मौनी अमावस्या का पर्व है।

१८ जनवरी २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१८ जनवरी २०२६ को कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि १२:०४ पूर्वाह्न तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष अमावस तिथि प्रारंभ होगी। सभी मासिक शिवरात्रि की तिथियां देखें।

१८ जनवरी २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१८ जनवरी २०२६ का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है। १०:१४ पूर्वाह्न के बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

१८ जनवरी २०२६ का राहु काल क्या है?

१८ जनवरी २०२६ का राहु काल ०४:५७ PM से ०६:२० PM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।

१८ जनवरी २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१८ जनवरी २०२६ का अभिजीत मुहूर्त १२:२८ PM से ०१:१२ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०५:४३ AM से ०६:३१ AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।

१८ जनवरी २०२६ के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:२८ PM – ०१:१२ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०५:४३ AM – ०६:३१ AM), शुभ रंग लाल
अशुभ समय: राहु काल (०४:५७ PM – ०६:२० PM), गुलिक काल (०३:३५ PM – ०४:५७ PM), यमगण्ड काल (१२:५० PM – ०२:१२ PM)।

क्या १८ जनवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, १८ जनवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

१८ जनवरी २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

१८ जनवरी २०२६ को कौन-सी तिथि है?

१८ जनवरी २०२६ को क्या है?

१८ जनवरी २०२६ का नक्षत्र क्या है?

१८ जनवरी २०२६ का राहु काल क्या है?

१८ जनवरी २०२६ का शुभ मुहूर्त क्या है?

१८ जनवरी २०२६ के शुभ और अशुभ समय

१८ जनवरी २०२६ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

१८ जनवरी २०२६ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?